मध्यप्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 2,400 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस कदम को वित्तीय कुप्रबंधन करार देते हुए सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर राज्य पर कर्ज का बोझ क्यों बढ़ाया जा रहा है।
लगातार बढ़ रही उधारी
चालू वित्त वर्ष के पांच महीनों के भीतर ही सरकार ने करीब 47,800 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है, जिससे राज्य की कुल देनदारियां 5.36 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज लेकर अपने नियमित खर्च पूरे कर रही है, जिसका खामियाजा अंततः प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा।
विपक्ष का तीखा हमला
जीतू पटवारी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे ‘कमीशन और करप्शन’ का कल्चर बताया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को श्वेत पत्र जारी कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि बाजार से जुटाई जा रही इतनी बड़ी राशि का उपयोग किन विकास कार्यों में किया जा रहा है।