नेपाल के रसुवागढ़ी में तिब्बत से आए बर्फीले सैलाब ने भारी तबाही मचाई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस आपदा के लिए चीन की लापरवाही के साथ-साथ काठमांडू के मेयर बालेन शाह की चुप्पी और उनकी कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चीन के निर्माण कार्यों पर खामोशी
विशेषज्ञों का मानना है कि तिब्बत सीमा पर चीन द्वारा किए जा रहे बांध निर्माण और अन्य गतिविधियों ने इस आपदा के खतरे को बढ़ाया है। एक सिविल इंजीनियर होने के बावजूद, बालेन शाह ने इन खतरनाक निर्माण कार्यों को नजरअंदाज किया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
राष्ट्रवाद बनाम जमीनी हकीकत
अपनी छवि को राष्ट्रवादी नेता के रूप में पेश करने वाले बालेन शाह पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक दिखावे के चक्कर में देश की सुरक्षा से समझौता किया। जनता अब यह पूछ रही है कि क्या चीन के प्रति नरम रुख और प्रशासनिक चूक के कारण नेपाल के नागरिकों की जान जोखिम में डाली गई है।