मध्य प्रदेश में सरकारी IT खरीद और टेंडर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के टेंडरों में शर्तों को बार-बार बदलने और किसी विशेष वेंडर को लाभ पहुंचाने की जांच की मांग की है।
टर्नओवर की शर्तों में मनमाना बदलाव
मिश्रा ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि एक टेंडर में टर्नओवर की शर्त 49 करोड़ से घटाकर 25 करोड़ कर दी गई, जबकि दूसरे मामले में इसे 40 करोड़ से बढ़ाकर 52 करोड़ कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया है कि ये बदलाव किन आधारों पर और किसके इशारे पर किए गए, जिससे किसी खास कंपनी को फायदा मिल सके।
कार्टेल और हितों के टकराव की जांच की मांग
पत्र में तकनीकी विशिष्टताओं में फेरबदल, कार्टेल बनाने और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, वेंडर्स और OEM के बीच संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग को रोका जा सके।