यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस ने G20 की आधिकारिक बैठकों में हिस्सा लिया है। अमेरिका की मेजबानी में नॉर्थ कैरोलाइना में आयोजित वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में रूसी प्रतिनिधि की उपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
यूरोपीय देशों में बढ़ी नाराजगी
रूस की इस वापसी से कई यूरोपीय देशों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका मानना है कि युद्ध के बीच रूस को वैश्विक मंचों पर शामिल करना उनकी नीतियों के खिलाफ है, जिससे समूह के भीतर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
अमेरिका का कूटनीतिक रुख
वहीं, मेजबान अमेरिका का तर्क है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए संवाद सबसे आवश्यक माध्यम है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि जटिल वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए सभी पक्षों का मेज पर होना अनिवार्य है।