मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में 20 वर्षीय छात्र बिट्टू तबाही ने पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने ब्यावरा की अजनार नदी को गंदगी और प्लास्टिक के कचरे से मुक्त करने के लिए अकेले ही मोर्चा संभाला और अपनी मेहनत से नदी का स्वरूप बदल दिया।
प्रदूषण के खिलाफ साहसी कदम
नदी को गंदे नाले में तब्दील होते देख बिट्टू ने खुद सफाई का बीड़ा उठाया। तैरना न जानने के बावजूद, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर गंदे पानी में उतरकर कचरा निकाला और इस नेक काम में अपनी जेब से करीब 30 हजार रुपये खर्च किए।
समाज के लिए प्रेरणा
शुरुआत में लोगों ने बिट्टू के काम को पागलपन समझा, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प ने सबकी सोच बदल दी। आज उनकी यह मुहिम न केवल नदी को पुनर्जीवित कर रही है, बल्कि अन्य युवाओं को भी अपने आसपास के पर्यावरण की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर रही है।