MP News: देश में जनसंख्या और परिवार के आकार को लेकर चल रही बहस के बीच मैहर से एक अलग तस्वीर सामने आई है। एक ओर जहां कुछ बयान बड़े परिवार को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं, वहीं मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह छोटे परिवार के महत्व को समझाते हुए नजर आ रही हैं। उनके इस संदेश ने लोगों के बीच नई चर्चा को जन्म दिया है और प्रशासनिक सोच को भी सामने रखा है।
अस्पताल निरीक्षण के दौरान सामने आई चौंकाने वाली स्थिति
दरअसल, शनिवार को कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने मैहर के सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब वह मेटरनिटी वार्ड पहुंचीं, तो उन्हें एक महिला के पांच बच्चों को जन्म देने की जानकारी मिली। यह सुनते ही कलेक्टर ने मौके पर ही महिला से बातचीत की और उसे समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े परिवार का पालन-पोषण करना और बच्चों को बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य देना आसान नहीं होता है। यह स्थिति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज के कई हिस्सों में देखने को मिल रही है।
छोटे परिवार को बताया बेहतर भविष्य की कुंजी
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छोटा परिवार ही एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने बताया कि सीमित परिवार होने से माता-पिता बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने मातृ स्वास्थ्य को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि लगातार गर्भधारण से महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस संदेश के जरिए उन्होंने समाज को एक संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
स्वास्थ्य विभाग को फटकार और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता फैलाने में कहीं न कहीं कमी रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को छोटे परिवार के फायदे, मातृ स्वास्थ्य और बच्चों की बेहतर परवरिश के बारे में जागरूक करें। आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लगातार अभियान चलाने की जरूरत है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब जनसंख्या को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का यह संदेश लोगों को वास्तविक स्थिति समझाने और बेहतर जीवन की दिशा दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


