लालटेन की रोशनी में बुना डॉक्टर बनने का सपना, संघर्ष से मिली सफलता

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By Partho Banarjee Published On: August 25, 2026

छत्तीसगढ़ के बोदेली गांव की रहने वाली अंजुलता ने विपरीत परिस्थितियों को मात देकर नीट परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। पिता के निधन के बाद आर्थिक तंगी के बावजूद, उन्होंने लालटेन की रोशनी में अपनी पढ़ाई जारी रखी। अब वे एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने की राह पर हैं।

मजदूरी कर मां ने दिया साथ

अंजुलता की मां ने दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया। मां के अटूट विश्वास और अंजुलता की मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने नीट यूजी में एसटी वर्ग में 146वीं रैंक प्राप्त की है।

संघर्ष से मिली नई पहचान

वनांचल के छोटे से गांव से निकलकर मेडिकल कॉलेज तक का यह सफर कई युवाओं के लिए प्रेरणा है। संसाधनों की कमी के बावजूद अंजुलता ने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।