छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक अनोखा हुनर देखने को मिल रहा है, जहां ओरमा गांव के कुलेश्वर कुम्भकार बिना किसी सांचे के गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। पिछले एक दशक से इस कला में निपुण कुलेश्वर किसी भी फोटो को देखकर उसकी हूबहू मूर्ति गढ़ने में माहिर हैं, जिसके चलते उनकी मांग दूर-दराज के जिलों तक है।
फोटो देखकर गढ़ते हैं जीवंत मूर्तियां
कुलेश्वर की कलाकारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे बिना किसी सांचे की मदद के केवल फोटो देखकर मूर्ति को जीवंत कर देते हैं। उनकी इस अद्भुत प्रतिभा के कारण इस बार उन्हें 10 विशेष प्रतिमाओं के ऑर्डर मिले हैं।
कला का मोल और बढ़ती लोकप्रियता
उनकी बनाई प्रतिमाओं की कीमत आकार और बारीकियों के अनुसार 7 हजार से लेकर 45 हजार रुपये तक होती है। अपनी मेहनत और हुनर के दम पर कुलेश्वर ने आसपास के क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बना ली है, जहां लोग गणेश उत्सव के लिए उनसे विशेष मूर्तियां बनवाना पसंद करते हैं।