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पूर्व राज्यपाल कुरैशी ने कहा- लव जिहाद सियासी तिकड़म

लव जिहाद (love jihad) एक पॉलिटिकल तिकड़म से ज्यादा कुछ नहीं है। जब आप रोजी-रोटी नहीं दे पाए तो उनके दिमाग को डायवर्ट करने के लिए झूठे खोखले नारे लगाने लगे इसलिए ताकि लोग रोटी, रोजगार, दवा और मकान मांगना भूल जाएं। बातचीत में उत्तराखंड और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने लव जिहाद के मुद्दे पर ये बात कही। कुरैशी मप्र उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके हैं। पढ़िए अजीज कुरैशी से सवाल-जवाब…

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सरकार के लव जिहाद को लेकर प्रस्तावित कानून पर पहली प्रतिक्रिया क्या है?

जिहाद को एक नारा बना लिया है। प्यार करना प्राकृतिक अधिकार है और शादी करना भी अपना अधिकार है। ऐसे में शादी और प्यार करने में कोई बंधन नहीं होता है और इसे कोई कानून भी नहीं रोक सकता। शादी करना एक व्यक्तिगत मसला है, इस पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। हां, अगर शादी के लिए धर्म परिवर्तन करवाते हैं, तो वो पाप है। मुसलमान लड़की से कहे कि तुम मुसलमान हो जाओ, वो पाप है। ऐसा ही मुसलमान लड़की हिंदू से शादी करे और कहे धर्म बदल लो। वो भी पाप है इसलिए दोनों लोग अपने-अपने धर्म के पाबंद रहें। सिविल मैरिज करें।

अगर दो अलग धर्मों के लोग विवाह करते हैं तो होने वाले बच्चे के भविष्य को कैसे देखते हैं?

ऐसी शादी में मां-बाप को ये अधिकार नहीं है कि जो बच्चे पैदा हों, उनका धर्म पहले ही तय कर दें। बच्चे पैदा होंगे और वो खुद तय करें। वह जो बनना चाहें, बनें। हिंदू या मुसलमान।

क्यों अचानक आ गया लव जिहाद?

15 लाख रुपए नहीं दे पाए, दो करोड़ को रोजगार नहीं दे पाए। कोरोना ने पूरे मुल्क को बर्बाद कर दिया। विदेशी पूंजी नहीं है। संस्थाओं-एजेंसियों को बर्बाद कर दिया। रिजर्व बैंक, चुनाव आयोग, CBI और अब लोग कहने लगे हैं कि सुप्रीम कोर्ट भी मिला हुआ है इसलिए लव जिहाद लेकर आ गए।

क्या आपको लगता है कि भाजपा देश में हिंदू राष्ट्र कायम करने की ओर बढ़ रही है?

शिवराजजी की कद्र करता हूं। 2012 में मैंने कहा था कि मध्य प्रदेश में भाजपा का राज नहीं है, शिवराज के राज से भाजपा का राज है। यहां पर शिवराज की अपनी पर्सनैलिटी है। सभ्यता, मानवता उनमें है। ये जो करना पड़ रहा है, ये शिवराज की मजबूरी है। भाजपा की ऑल इंडिया लीडरशिप देश में केवल हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है। हिंदुत्व और हिंदुइज्म में फर्क है। हिंदुइज्म है महात्मा गांधी का, सरदार पटेल का, पंडित नेहरू का।

हिंदुत्व और हिंदुइज्म में आपको क्या फर्क लगता है?

ये हिंदुत्व की बुनियाद पर, जहां पर सोचने समझने का तरीका खत्म हो जाए। मार्क्स ने कहा था कि धर्म ऐसी अफीम है कि लोगों को धर्म का नशा पिला दो, वह अधिकार मांगना भूल जाएंगे। इनके पास अब कुछ नहीं बचा है, केवल राम मंदिर बाकी है और हिंदुत्व, हिंदू राष्ट्र बाकी है। इसलिए ये हर बात पर पाकिस्तान और धर्म की बात करते हैं। इसे कोर्ट स्वीकार नहीं करेगी। हालांकि, आज की कोर्ट मैं कह नहीं सकता हूं, लेकिन अगर नेहरू के जमाने की कोर्ट होती तो इसे कतई स्वीकार नहीं करती।

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लव जिहाद क्या है, ऐसा कोई शब्द है क्या ?

जिहाद… यानी गंदे ख्यालों के खिलाफ लड़ाई। इस्लाम के मुताबिक, अपनी अंतरआत्मा की घिनौनी ख्वाहिशें, गंदे खयालों के खिलाफ लड़ाई करना ही सबसे बड़ा जिहाद है। दूसरा, हर जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना, मानवता की सेवा करना बड़ा जिहाद है। तीसरा, धार्मिक युद्ध, जैसे लोग कहें कि पाकिस्तान जिहाद करता है। जहां 20-25 करोड़ मुसलमान रहते हैं, उसके खिलाफ जिहाद हो ही नहीं सकता है। अपने-अपने धर्म को लेकर पाबंद रहें।

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