शिवराज कैबिनेट का बड़ा फैसला, उज्जैन के महाकाल कॉरिडोर का नाम बदला

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By Sharma Published On: September 27, 2022

उज्जैन। मध्य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता बाबा महाकाल ने की। बैठक से पहले सीएम शिवराज सहित सभी मंत्रियों ने महाकाल को नमन किया। इसमें फैसला लिया गया कि नवनिर्मित प्रांगण को महाकाल लोक के नाम से जाना जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को इसका लोकार्पण करेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि उज्जैन में हवाई पट्टी का विकास किया जाएगा, इसके लिए 41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उज्जैन में पुलिस बैंड में 36 कर्मचारी शामिल होंगे, इसका आकार बड़ा किया जाएगा। शिप्रा नदी कलकल और प्रवाहमान रहे इसलिए रिवर लेक फ्रंट की तर्ज पर घाटों का विस्तार होगा।l

 

कैबिनेट बैठक में ये फैसले हुए

– 351 करोड़ से निर्मित महाकालेश्वर प्रांगण को महाकाल लोक के नाम से जाना जाएगा, दूसरे चरण के काम भी जल्द शुरू होंगे। 11 अक्टूबर को पीएम मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।

– उज्जैन में हवाई पट्टी का विस्तारीकरण कर इसे एयरपोर्ट की तरह विकासित करेंगे। पहली बार में 80 करोड़ की लागत से ये काम होगा।

– 11 की जगह 37 पद वाला पुलिस बैंड होगा, इसके लिए नए पद स्वीकृत किए गए हैं।

– शिप्रा अविरल बहती रहे, इसके लिए प्रोजेक्ट बनाने की सैद्धांतिक स्वीकृति। रिवर फ्रंट की तर्ज पर घाट विस्तार होगा।

– स्वच्छता लीग में एमपी का पहला स्थान आया है। नगरीय प्रबंधन व सबसे क्लीन सिटी में इंदौर नंबर 1, उज्जैन पर्यटन सेवा में अव्वल आया है।

– मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में उम्र वृद्धि की गई। अहर्ता भी 8वीं कर दी गई।

– जल जीवन मिशन में प्रदेश के 22 जिले के 90197 गावों में 17 हजार करोड़ रुपये की सतही नल जल योजना स्वीकृत।

 

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक पहली बार उज्जैन हुई। पहले यह बैठक भोपाल में होना तय थी मगर इसी दिन मुख्यमंत्री के देवास दौरे को देखते हुए बैठक पड़ोसी शहर उज्जैन में करने का निर्णय लिया गया। बैठक से पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिगण ने महाकाल प्रांगण में हुए 316 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया।

बैठक के मद्देनजर कलेक्टोरेट के आसपास सोमवार को सड़कों को दुरुस्त किया गया और बेहतर साफ- सफाई कराई गई। प्रधानमंत्री जिस मार्ग से शहर में आवाजाही करेंगे, उस पर डामर की नई परत चढ़ाने का काम भी शुरू कर दिया गया। महाकाल प्रांगण में हुए नव विकसित कार्य की साफ-सफाई और पौधारोपण के कार्य में भी तेजी लाई गई है।