सीएम शिवराज अपने मंत्रियों को साथ लेकर जाएंगे पचमढ़ी, इन मुद्दों पर करेगे चर्चा

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By Sharma Published On: March 15, 2022

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रियों को साथ लेकर बस में सवार होंगे और 25 मार्च को पचमढ़ी जाएंगे। 27 मार्च तक प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ मंथन करेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रियों के साथ 25 से 27 मार्च तक पचमढ़ी में मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्री एक बस में सवार होकर पचमढ़ी के लिए रवाना होंगे। रास्ते में ढाबों में भोजन करेंगे। पचमढ़ी में ही सरकार की कैबिनेट बैठक भी होगी। इससे पहले मुख्यमंत्री की 26-27 मार्च को मंत्रियों के साथ कान्हा नेशनल पार्क में मंथन करने की योजना थी, जिसमें अब कान्हा की जगह पचमढ़ी को जगह दी गई है।

 

 

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अलग-अलग मंत्री समूह की सरकारी योजनाओं और कार्यों की समितियां बनाई है। यह समितियां जनता को उन योजनाओं और कार्यों से मिलने वाली सुविधाओं पर स्टेटस रिपोर्ट तैयार करेंगी। रिपोर्ट में समितियां कमियों को दूर करने के उपाय भी सुझाएंगी। ताकि सरकार आने वाले चुनाव से पहले सरकारी योजनाओं को और बेहतर बना सके। इसका उद्देश्य सरकार की छवि को चमकाना है और आगामी चुनाव में काम गिनाकर वोट मांगना है।

 

इन मंत्रियों के नाम

 

कन्या विवाह समिति में कमल पटेल, तुलसीराम सिलावट, प्रेम सिंह पटेल।

 

गोवर्धन योजना की समिति में डॉ. नरोत्तम मिश्रा, ओम प्रकाश सकलेचा, प्रेम सिंह पटेल।

 

गांव-गौरव दिवस की समिति में भूपेंद्र सिंह और नंदकिशोर कावरे।

 

कर्मचारियों से संवाद की समिति में अरविंद भदौरिया और विश्वास सारंग।

 

तीर्थ दर्शन योजना की समिति में ऊषा ठाकुर और गोविंद सिंह राजपूत।

 

शहरी, ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास समिति में भूपेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह सिसोदिया।

 

लाडली लक्ष्मी 2 योजना की समिति में यशोधरा राजे सिंधिया, ऊषा ठाकुर, सुश्री मीना सिंह, डॉ. विजय शाह और कमल पटेल।

 

राशन वितरण समिति में बिसाहू लाल सिंह,प्रद्युमन सिंह तोमर और अरविंद भदौरिया।

 

सीएम राइज स्कूल की समिति में इंदर सिंह परमार और नंदकिशोर कावरे।

 

जल जीवन मिशन की समिति में गोपाल भार्गव, ब्रजेंद्र यादव और जगदीश देवड़ा।