लुटेरी दुल्हन 3 लाख लूटकर भागी, तीन दिन ससुराल में रहने के बाद हुई रफूचक्कर

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By Sharma Published On: February 25, 2023

जावद। अठाना निवासी के साथ सिर्फ तीन दिन ससुराल में रही लुटेरी दुल्हन और 3 लाख रुपए की ठगी कर रफूचक्कर हो गई। मामला अठाना नगर के अंतर्गत धाकड़ खेड़ी वार्ड का सामने आ रहा है। पीड़ित दुल्हे ने एसपी से गुहार लगा कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित प्रहलाद पिता प्रभुलाल धाकड़ की शिकायत के अनुसार राजगढ़ क्षेत्र में रहने वाले चाचा-भतीजा नारायणसिंह व गजराजसिंह ने दो माह पहले प्रहलाद धाकड़ को शादी कराने का झांसा दिया था। ठग चाचा-भतीजा ने देवास निवासी राकेश भैया मिश्रा और मिश्रा की कथित बहन सरिता पिता बाबू पाटिल (25) से मिलवाया। युवक युवती ने एक-दूसरे को पसंद किया, उसके बाद 6 फरवरी को देवास न्यायालय परिसर में एक 500 रुपए के स्टांप पर दोनों ने सहमति दी।

 

सरिता पिता बाबू पाटिल पता माता चौक खंडवा व प्रहलाद पिता प्रभुलाल धाकड़ निवासी धाकड़ खेड़ी अठाना ने शादी करने का अनुबंध किया। इस दौरान नारायणसिंह, गजराजसिंह व राकेश मिश्रा ने प्रहलाद से अलग अलग समय में कुल तीन लाख रुपए नकद लिए। सरिता नामक लुटेरी दुल्हन प्रहलाद के साथ पहले नलखेड़ा, फिर अठाना अपने ससुराल पहुंच गई। यहां 2 दिन रहने के बाद सरिता ने अपने भाई के पास जाने की बात कही। इस पर प्रहलाद दुल्हन सरिता को बाइक से जीरन थाना अंतर्गत भाटखेड़ा फंटे पर ले गया। वहां पहले से ही एक कार खड़ी थी, जिसमें महिला वैन चालक समेत एक अन्य व्यक्ति सरिता का इंतजार कर रहे थे। सरिता वेन के समीप पहुंची, सरिता को संबंधितों ने वेन में बैठा दिया। इस दौरान प्रहलाद का मोबाइल भी सरिता के पास था।

 

लुटेरी दुल्हन मोबाइल भी साथ लेकर फोरलेन मार्ग मंदसौर की ओर वेन से भाग निकली। प्रहलाद ने जब नारायणसिंह, गजराजसिंह व राकेश मिश्रा से संपर्क साधा तो आरोपियों के फोन बंद मिले। प्रहलाद ने बताया कि उसके पास सरिता से शादी करने के लिए रुपए भी नहीं थे, जिस पर अपनी कृषि भूमि और मकान को बेच कर रुपए की व्यवस्था की थी। फरार होने के पूर्व लुटेरी दुल्हन सरिता ने प्रहलाद से मंगलसूत्र और पायल दिलाने को भी कहा था, जिस पर प्रहलाद ने आश्वासन दिया था कि फसल पकते ही वह उसे मंगलसूत्र और पायल दिलाएगा। पीड़ित प्रहलाद ने एसपी नीमच को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए लुटेरी दुल्हन और ठगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित से हड़पी गई राशि को दिलाने की मांग की है।