बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के दूरस्थ गांवों में, जो दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित थे, अब नई उम्मीद जगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर सर्वे किया और बीमार बच्चों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर 125 बच्चों की जान बचाई है।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच
प्रशासन ने 20 विशेष टीमों और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए कुंडेकसा और अडोरी जैसे दुर्गम गांवों तक पहुंच बनाई है। एक महीने के भीतर 169 भर्ती बच्चों में से अधिकांश को उपचार के बाद स्वस्थ कर घर भेज दिया गया है, जबकि शेष का इलाज जारी है।
बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता
विभाग ने बच्चों को विटामिन, आयरन और मीजल्स की खुराक देने के साथ ही 10 गांवों में फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल बीमारियों का इलाज करना है, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित इन ग्रामीणों का स्वास्थ्य तंत्र पर भरोसा बहाल करना भी है।