पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा हिंदुओं को ‘बर्दाश्त’ करने संबंधी टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस बयान की मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कड़ी आलोचना की है। जरदारी के दावों और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की वास्तविक स्थिति को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
जनगणना के आंकड़ों पर विरोधाभास
जरदारी ने पाकिस्तान में हिंदू आबादी 3 से 4 प्रतिशत बताई है, जबकि वहां की आधिकारिक जनगणना के आंकड़े इसे महज 2.17 प्रतिशत ही दर्शाते हैं। इस विरोधाभास ने राष्ट्रपति के दावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
अल्पसंख्यकों की बदहाल स्थिति
जावेद अख्तर ने तंज कसते हुए पूछा है कि क्या पाकिस्तान में शिया, अहमदी और बलोच मुसलमानों की स्थिति सुरक्षित है। जानकारों का मानना है कि केवल हिंदुओं ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के मानवाधिकार भी लगातार खतरे में हैं।