स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर ग्वालियर केंद्रीय जेल से छह बंदियों को रिहा किया गया है। लंबे समय तक जेल में सजा काटने वाले इन कैदियों को उनके अनुशासित व्यवहार और सुधारात्मक आचरण के आधार पर आजादी का तोहफा मिला है।
नई जिंदगी की ओर कदम
रिहा हुए कैदियों में से कई ने करीब 14 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताए हैं। जेल प्रशासन ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपते हुए समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।
सुधार का मिला लाभ
जेल अधीक्षक राकेश बांगरे ने बताया कि राज्य सरकार के नियमों के तहत विशेष अवसरों पर अच्छे आचरण वाले बंदियों को सजा में छूट दी जाती है। रिहा हुए बंदियों ने अपनी गलतियों से सीख लेते हुए धैर्य और संयम के साथ जीवन जीने का संकल्प लिया है।