इंदौर पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। ये बदमाश चोरी से पहले इलाके की बिजली काट देते थे ताकि सीसीटीवी कैमरे बंद हो जाएं और उनकी पहचान उजागर न हो।
गिरोह का अनोखा तरीका और गिरफ्तारी
यह गिरोह पहले इलाके की रेकी करता था, फिर योजनाबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बंद कर देता था ताकि सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय हो जाएं। इसके बाद वे कटर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से कारें चुराते थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों का पता लगाया। एक लावारिस कार पर निगरानी रखने के बाद पुलिस ने तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया, जब वे उस कार को लेने आए थे।
बरामदगी और कबूलनामे
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो कारें (अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये) और वारदात में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान, तौफीक, राजीव और एक महिला के रूप में हुई है, जिनके संबंध उत्तर प्रदेश और मुंबई से हैं। पूछताछ में इन्होंने राजेंद्र नगर से तीन और धामनोद से एक सहित कुल चार स्विफ्ट कारों की चोरी कबूल की है। अन्य दो चोरी की गई कारों की तलाश में पुलिस टीमें पंजाब और उत्तर प्रदेश भेजी गई हैं।