मध्य प्रदेश में वन्यजीवों की बढ़ती संख्या एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव भी चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
भयावह मौत के आंकड़े
इस साल के बीते आठ महीनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण कुल 50 इंसानों और 45 बाघों की मौत हुई है। ये आंकड़े वन्य विभाग की कार्यप्रणाली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, खासकर उन तीन महीनों में जब सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं।
वन्यजीवों की बढ़ती संख्या और चुनौतियां
राज्य में वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि निश्चित रूप से एक सफलता है, लेकिन इसने मानव बस्तियों के करीब जानवरों के आने की घटनाओं को भी बढ़ा दिया है। इस बढ़ते टकराव को नियंत्रित करने और दोनों के सह-अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग को नई रणनीतियों पर विचार करना होगा।