जापान से आजादी के 80 साल बाद, दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के साथ चल रहे दशकों पुराने युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने नेशनल लिबरेशन डे के अवसर पर इस शांति पहल की शुरुआत की है, जो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
अधूरा समझौता और वर्तमान स्थिति
1953 में कोरियाई युद्ध को रोकने के लिए केवल एक युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन कोई औपचारिक शांति संधि नहीं हो सकी थी। यही कारण है कि तकनीकी रूप से दोनों देश आज भी युद्ध की स्थिति में बने हुए हैं।
शांति वार्ता पर किम जोंग उन की प्रतिक्रिया का इंतजार
दक्षिण कोरिया की इस नई शांति पहल पर उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह कूटनीतिक प्रयास दशकों से जारी इस गतिरोध को खत्म कर पाएगा।