ईरान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी नौसेना ने एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। अमेरिका ने अपने घातक युद्धपोत ‘यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन’ को पश्चिमी प्रशांत महासागर से हटाकर मिडिल ईस्ट भेजने का फैसला लिया है। इस कदम से प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा का एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
चीन को मिल रहा रणनीतिक लाभ
अमेरिकी युद्धपोत के हटने से प्रशांत महासागर में शक्ति संतुलन बिगड़ गया है, जिसका सीधा फायदा चीन को मिलता दिख रहा है। क्षेत्र में अमेरिका की घटती मौजूदगी ने जापान, फिलीपींस और ताइवान जैसे सहयोगी देशों की चिंता बढ़ा दी है।
सहयोगी देशों में बढ़ी असुरक्षा
अमेरिका का ध्यान मिडिल ईस्ट की ओर केंद्रित होने से प्रशांत क्षेत्र के मित्र राष्ट्र खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच इस सुरक्षा वैक्यूम को भरना अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।