नेपाल और चीन की सीमा पर हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 50 लोगों की मौत की पुष्टि प्रधानमंत्री द्वारा की गई है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है।
सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा
प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि रासुवागढ़ी बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर दूर एक विशाल चट्टान और बर्फ का हिस्सा खिसक गया था। इसके कारण ल्हेंडे नदी में ग्लेशियल फ्लड आ गया, जिससे पानी और मलबे का बवंडर कई इमारतों को अपने साथ बहा ले गया।
बचाव और नुकसान की स्थिति
इस जलप्रलय ने सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने और बचाव कार्य को तेज करने में जुटे हुए हैं।