ब्रिटेन की स्पेशल फोर्सेज द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे K3 स्काउट सर्विलांस ड्रोन में एक बड़ी सुरक्षा खामी का खुलासा हुआ है। हालिया जांच में यह बात सामने आई है कि इन ड्रोनों में लगे कैमरे चीन में स्थित एक अज्ञात IP एड्रेस को लगातार सिग्नल भेज रहे थे, जिससे ब्रिटिश सैन्य सुरक्षा और संवेदनशील डेटा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सैन्य आपूर्ति श्रृंखला पर सवाल
भले ही इस बात के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि कोई संवेदनशील डेटा लीक हुआ है, लेकिन इस घटना ने सैन्य आपूर्ति श्रृंखला में तकनीकी निर्भरता और संभावित कमजोरियों को उजागर किया है। यह मामला नाटो-स्तर की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है और भविष्य में उपकरणों की खरीद पर अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर देता है।
चीन की जासूसी और तकनीकी खतरा
यह घटना दर्शाती है कि कैसे विरोधी देश तकनीकी माध्यमों से महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुँचने का प्रयास कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और सैन्य हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर में ‘बैकडोर’ की संभावनाओं की गहन जांच की मांग करते हैं।