दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में देव चौधरी के चयन को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। क्रिकेट प्रेमियों का आरोप है कि बिना किसी घरेलू अनुभव के उन्हें इतने बड़े मंच पर जगह कैसे मिली, जबकि उनका खेल कौशल भी काफी कमजोर नजर आ रहा है।
खिलाड़ी की योग्यता पर संशय
मैदान पर देव चौधरी का प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। न तो वह सही तरीके से बल्लेबाजी कर पा रहे हैं और न ही उनकी फिटनेस एक पेशेवर खिलाड़ी जैसी दिखती है, जिससे उनके चयन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या DPL पारदर्शी है?
बिना घरेलू क्रिकेट खेले किसी खिलाड़ी का सीधे लीग में शामिल होना व्यवस्था की खामियों की ओर इशारा करता है। दर्शक अब आयोजकों से जवाब मांग रहे हैं कि क्या यह प्रतिभा को मौका देने का मंच है या यहाँ भी भाई-भतीजावाद हावी है।