शिक्षक दिवस के मौके पर हम उन गुरुओं को याद कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर देश अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहा है, जिन्होंने अपनी मेहनत से कई क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारा है।
क्रिकेट के ‘द्रोणाचार्य’ और उनके शिष्य
भारतीय क्रिकेट इतिहास में रमाकांत आचरेकर और तारक सिन्हा जैसे कोचों का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आचरेकर सर ने सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी को तराशा, वहीं तारक सिन्हा ने ऋषभ पंत समेत कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन देकर देश का मान बढ़ाया।
कोच की भूमिका और भविष्य
राजकुमार शर्मा जैसे कोचों ने विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों की नींव रखी, जो आज विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं। इन गुरुओं का योगदान केवल तकनीक सिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने खिलाड़ियों के मानसिक और पेशेवर विकास में भी अहम भूमिका निभाई है।