जबलपुर के आनंद कुमार कोष्ठा ने मात्र 1 रुपये की पूंजी और एक साथी के साथ समोसे का व्यवसाय शुरू किया था। आज उनका यह छोटा सा उद्यम प्रतिदिन 4 से 5 हजार समोसे बेचता है, जिसके लिए लोग लंबी कतारों में खड़े रहते हैं। यह कहानी बताती है कि कैसे दृढ़ संकल्प और गुणवत्ता से कोई भी व्यवसाय सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
आनंद कुमार कोष्ठा ने अपने व्यवसाय की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से की थी, जब उनके पास सिर्फ 1 रुपया और एक सहायक था। उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज उनकी दुकान पर सुबह से शाम तक समोसे खरीदने वालों की भीड़ लगी रहती है और कड़ाही से निकलते ही समोसे खत्म हो जाते हैं।
जबलपुर का पसंदीदा स्वाद
महंगाई के इस दौर में भी आनंद कुमार के समोसे लोगों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। उनकी दुकान से निकलते ही गरमागरम समोसे तुरंत बिक जाते हैं, जिससे उन्हें ‘समोसा किंग’ की उपाधि मिली है। यह स्वाद सिर्फ पेट ही नहीं, बल्कि लोगों के दिलों पर भी राज करता है।