अक्टूबर 2000 में यमन के एडेन बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत यूएसएस कोल पर एक भीषण आतंकी हमला हुआ था। इस आत्मघाती हमले में 17 अमेरिकी नौसैनिकों की जान चली गई और 37 अन्य घायल हो गए थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हड़कंप मच गया था।
यमन बंदरगाह पर हमला
12 अक्टूबर 2000 को सुबह लगभग 11:48 बजे, जब यूएसएस कोल ईंधन भरने के लिए एडेन बंदरगाह पर रुका था, तभी एक छोटी नाव से उसमें जोरदार टक्कर मारी गई। इस टक्कर के कारण हुए भीषण धमाके ने जहाज के बाईं ओर एक बड़ा छेद कर दिया, जिससे युद्धपोत को भारी नुकसान पहुंचा।
अल-कायदा की साजिश
हमले के तुरंत बाद अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने गहन जांच शुरू की। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह हमला आतंकवादी संगठन अल-कायदा द्वारा सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध किया गया था। इस आत्मघाती हमले के पीछे अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का हाथ था, जिसने अमेरिकी नौसेना को निशाना बनाया।