सहारनपुर से गुजर रही कांवड़ यात्रा इस बार एक अनोखे नज़ारे का गवाह बन रही है। हरिद्वार से यमुनानगर जा रहे श्रद्धालु भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को गंगाजल के साथ पालने में बिठाकर ले जा रहे हैं। यह अद्भुत कांवड़ यात्रा भक्तों और आम लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
अनोखी भक्ति का प्रदर्शन
लगभग 20 किलोग्राम वजनी पीतल के लड्डू गोपाल को भक्त अपने बच्चे की तरह संभालते हुए सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। पालने में झूलते लड्डू गोपाल को देखकर हर कोई रुककर उनकी तस्वीरें ले रहा है और सेल्फी खींच रहा है। यह दृश्य भक्ति और वात्सल्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
हरिद्वार से यमुनानगर तक का सफर
यह विशेष कांवड़ यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर यमुनानगर तक जाएगी। कांवड़ यात्री न केवल गंगाजल लेकर चल रहे हैं, बल्कि भगवान के बाल स्वरूप को भी अपने साथ लेकर इस कठिन यात्रा को पूरा कर रहे हैं। उनकी यह निष्ठा और समर्पण दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है, जिससे कांवड़ यात्रा का महत्व और भी बढ़ गया है।