मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हालिया आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है।
लापता महिलाओं के भयावह आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 से जनवरी 2026 के बीच प्रदेश में 2,74,311 महिलाएं और बच्चियां लापता हुईं, जिनमें से 68,334 का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। राज्य में प्रतिदिन औसतन 130 महिलाओं के लापता होने की दर ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन लापता महिलाओं की तलाश के ठोस प्रयास करने के बजाय आंकड़ों को छिपाने में लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि हजारों परिवारों की पीड़ा के बावजूद सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह विफल रही है।