व्हाइट हाउस की एक हालिया रिपोर्ट ने भारत समेत 40 देशों को ‘ट्रांसशिपमेंट रिस्क’ की सूची में शामिल किया है। अमेरिकी व्यापार सलाहकार पीटर नवारो का कहना है कि भारत अब अमेरिका की निगरानी सूची में है, क्योंकि चीन अपने सामान को इन देशों के रास्ते अमेरिकी बाजार में खपाने की कोशिश कर सकता है।
टियर-1 श्रेणी में भारत
अमेरिका ने भारत को इस रिपोर्ट की सबसे संवेदनशील ‘टियर-1’ श्रेणी में रखा है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि भारत सरकार सीधे तौर पर किसी गलत गतिविधि में शामिल है, लेकिन यह सतर्कता अमेरिकी टैरिफ से बचने के चीनी प्रयासों को रोकने के लिए बढ़ाई गई है।
व्यापारिक रिश्तों पर असर
इस नई रिपोर्ट के बाद भारत और अमेरिका के बीच भविष्य में होने वाली ट्रेड डील पर असर पड़ने की संभावना है। दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए यह स्थिति एक नई चुनौती के रूप में देखी जा रही है, जिस पर अब बारीकी से नजर रखी जाएगी।