युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने टी20 में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। अब उनके कोच मनीष ओझा ने उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में संयम और धैर्य के साथ लंबी पारी खेलने की नई चुनौती दी है।
लाल गेंद से धैर्य की परीक्षा
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के उपकप्तान के रूप में वैभव की असली परीक्षा शुरू हो रही है। कोच ओझा का मानना है कि टेस्ट स्तर पर सफलता पाने के लिए उन्हें महज आक्रामक नहीं, बल्कि 300 गेंदों तक टिके रहने की क्षमता दिखानी होगी।
टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयारी
कोच ने वैभव को सलाह दी है कि टी20 की तुलना में टेस्ट क्रिकेट का रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण है। अब देखना यह होगा कि वैभव अपनी बल्लेबाजी में इस बदलाव को कैसे ढालते हैं और लंबी पारियां खेलकर अपनी योग्यता साबित करते हैं।