पाकिस्तान में PoK और बलूचिस्तान के बाद अब रावलपिंडी में भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। देश के बिगड़ते हालात और सुरक्षा चिंताओं के बीच सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
रावलपिंडी में बढ़ाई गई सुरक्षा
आसिम मुनीर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने रावलपिंडी में 400 से अधिक सशस्त्र जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 245 को लागू किया गया है, जिसके तहत अगले छह महीनों तक सेना का पहरा बना रहेगा।
आंतरिक विद्रोह का साया
देश के विभिन्न हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों और आजादी की मांग के बीच, सेना के गढ़ माने जाने वाले रावलपिंडी में यह तैनाती सरकार की घबराहट को दर्शाती है। यह कदम सैन्य नेतृत्व को संभावित खतरों से बचाने के लिए उठाया गया है।