हाल ही में संपन्न हुए SCO शिखर सम्मेलन के बिश्केक घोषणापत्र में सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने भी इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जो लंबे समय से भारत के लिए चिंता का विषय रहा है।
आतंकवाद पर पाकिस्तान का रुख
भारत दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का दंश झेल रहा है। इस घोषणापत्र पर सहमति जताकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक अलग रुख अपनाया है, जिसे विशेषज्ञ कूटनीतिक दबाव के रूप में देख रहे हैं।
शहबाज सरकार की रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने की एक सोची-समझी चाल हो सकती है। यह देखना बाकी है कि क्या पाकिस्तान केवल कागजों पर ही अपनी प्रतिबद्धता दिखाएगा या जमीन पर भी कोई ठोस बदलाव करेगा।