मध्य प्रदेश के बालाघाट और शिवपुरी जिलों में बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर आदिवासी अंचलों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर विपक्ष का हमला
उमंग सिंघार ने दावा किया है कि बालाघाट और शिवपुरी में अब तक 27 बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि जिला अस्पतालों में क्षमता से कहीं अधिक बच्चे भर्ती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खसरा, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों के बावजूद सरकार ने डेढ़ महीने से कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है।
आदिवासी क्षेत्रों में बिगड़े हालात
बैगा आदिवासी बहुल इलाकों और सईसपुरा में बच्चों की मौत के मामलों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। कांग्रेस ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, पर्याप्त स्टाफ और पोषण प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि और मौतों को रोका जा सके।