शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के हालिया शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद को वैश्विक चुनौती बताते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया है। उनका यह बयान विशेष रूप से शिनजियांग प्रांत और वहां के उइगर मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में काफी चर्चा में है।
शिनजियांग को लेकर चीन की रणनीति
चीन लंबे समय से शिनजियांग में स्थिरता और सुरक्षा का हवाला देकर कड़े सुरक्षा उपाय लागू करता रहा है। जिनपिंग का ताजा बयान बीजिंग की उसी पुरानी नीति को दोहराता है, जिसे वे क्षेत्र में अलगाववादी गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक बताते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठते रहे हैं सवाल
हालांकि चीन अपनी नीतियों को सुरक्षात्मक बताता है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों ने शिनजियांग में उइगरों और अन्य मुस्लिम समुदायों के मानवाधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। वैश्विक स्तर पर इन नीतियों की आलोचना के बावजूद चीन अपने रुख पर अडिग नजर आ रहा है।