इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक आशा कार्यकर्ता को सरकारी अधिकारी बनकर अपना शिकार बनाया है। खुद को नायब तहसीलदार बताने वाले एक अज्ञात व्यक्ति ने शौचालय मरम्मत के नाम पर झांसा देकर महिला के बैंक खाते से 50 हजार रुपये की राशि उड़ा ली।
ठगी का तरीका
आरोपी ने फोन पर महिला को विश्वास दिलाया कि शौचालय मरम्मत के पैसे उनके खाते में भेजे जा रहे हैं। उसने पहले 10 रुपये भेजकर भरोसा जीता, फिर तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए महिला के खाते से 15 हजार और 35 हजार रुपये निकाल लिए।
पुलिस की कार्रवाई
पैसे खाते में आने के बजाय कट जाने पर पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बाणगंगा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।