अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) अब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक नई रणनीति पर विचार कर रही है। दुबई में होने वाली आगामी बैठक में 2027-2031 के भविष्य दौरा कार्यक्रम (FTP) के तहत ट्राएंगुलर या चतुष्कोणीय सीरीज आयोजित करने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
राजस्व बढ़ाने पर आईसीसी का जोर
आईसीसी का मुख्य उद्देश्य बहु-देशीय टूर्नामेंटों के जरिए क्रिकेट से होने वाले राजस्व में भारी वृद्धि करना है। साल 2013 से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज बंद है, ऐसे में इस तरह के आयोजनों से खेल प्रेमियों को भारत-पाक मुकाबला देखने का मौका मिल सकता है।
राजनीतिक बाधाएं और भविष्य की राह
हालांकि, राजनीतिक तनाव और 2025 के एशिया कप से जुड़े विवादों के कारण इस योजना की राह आसान नहीं है। नई दिल्ली का रुख इस पूरे मामले में निर्णायक होगा, जिस पर क्रिकेट जगत की निगाहें टिकी हुई हैं।