मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देश में बढ़ती मिलावटखोरी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं और इनसे निपटने के लिए सरकारों को फिर से ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ जैसा व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है।
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की वकालत
कमलनाथ ने अपने कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान को याद करते हुए बताया कि उस समय दूध, मसालों और कीटनाशकों तक में मिलावट रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की गई थी। उन्होंने जोर दिया कि मिलावटखोरी के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी छापेमारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें जन-जागरूकता और निरंतर निगरानी भी शामिल होनी चाहिए।
स्वच्छ आहार हर नागरिक का अधिकार
कांग्रेस नेता ने कहा कि शुद्ध भोजन पाना हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरी और माफिया के खिलाफ यह लड़ाई जनहित में है, जिसे पूरे देश में मजबूती से लागू करने की आवश्यकता है।