उज्जैन के भैरवगढ़ रोड स्थित मित्रविंदा धाम में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण के इस ससुराल को लाल झालर और मोतियों की मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया है, जहां वे अपनी पटरानी मित्रविंदा के साथ विराजमान हैं।
पौराणिक महत्व और मान्यता
मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की पांचवीं पटरानी मित्रविंदा अवंती (उज्जैन) की राजकुमारी थीं। इसी कारण इस धाम को भगवान का ससुराल माना जाता है और यहां जन्माष्टमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है।
जन्माष्टमी के विशेष कार्यक्रम
मंदिर में 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे अभिषेक के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। शाम को भजन संध्या और फलाहारी भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जबकि रात 12 बजे भगवान के जन्मोत्सव पर महाआरती संपन्न होगी।