उज्जैन में नागपंचमी का त्योहार एक अलग और जागरूक अंदाज में मनाया गया। भगत सेवा संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सरीसृपों के संरक्षण के प्रति प्रेरित करना था, जिसके तहत ‘नाग को दूध मत पिलाओ’ की थीम पर विशेष अभियान चलाया गया।
पर्यावरण और जीव संरक्षण का संदेश
संयोजक मंगल बामनिया और स्वामी मुस्कुराके के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि सांपों को दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सरीसृपों का संरक्षण अनिवार्य है।
नागिन डांस और जागरूकता का मेल
कार्यक्रम के दौरान नागिन धुनों पर नृत्य और व्यायाम प्रदर्शन के जरिए वन्यजीव सुरक्षा का संदेश दिया गया। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया गया, ताकि मनोरंजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की सीख को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।