मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में मानवीय संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जब उफनती बेतवा नदी में फंसे कुछ आवारा कुत्तों को सुरक्षित बचाने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम सक्रिय हुई। लगातार बारिश के कारण बेतवा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी, जिससे नदी के बीच स्थित चरणतीर्थ मंदिर परिसर में चार-पांच कुत्ते फंस गए थे।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
संकट में फंसे इन बेजुबान जीवों को देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई। विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन के निर्देश दिए। उनकी पहल पर आपदा प्रबंधन की टीम तुरंत हरकत में आ गई।
मोटर बोट से सफल बचाव
आपदा प्रबंधन के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मोटर बोट के सहारे उफनती बेतवा नदी में प्रवेश किया। कई घंटों के अथक प्रयास और सूझबूझ से टीम ने चरणतीर्थ मंदिर में फंसे सभी कुत्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह अभियान मानवीय करुणा और कर्तव्यपरायणता का एक बेहतरीन उदाहरण बन गया है।