हाथरस केस में SIT की जांच हुई पूरी, मीडिया को पीड़िता के परिवार से मिलने की इजाजत

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gang rape
हाथरस गैंगरेप

हाथरस। हाथरस केस में प्रशासन की तरफ से अब मीडिया को हाथरस पीड़िता के गांव में जाने की अनुमति मिल गई है। हाथरस के SDM ने बताया कि “SIT की जांच पूरी हो गई है इसलिए अब मीडिया पर किसी तरह की रोक नहीं है। धारा 144 अभी भी लागू है। अभी सिर्फ मीडिया को ही आने ही इजाजत है।”

देश में ऐसी हैवानियत जिस पर कुछ भी लिखना सम्भब नहीं। लेकिन इस पर लिखना उतना ही जरुरी है जितना जीने के लिए पानी और हवा। आज हमारा देश इंसाफ की मांग कर रहा है। उत्तर प्रदेश में राजनीती उस मोड़ पर आ गई है, जहाँ अगर जल्दी ही कोई बड़ी कारवाही नहीं करती है तो सरकार पलट सकती है। योगी सरकार सवालो के जवाब देने को तैयार नहीं है। योगी और सभी पुलिस फाॅर्स की इसी चुप्पी पर लोगो के साथ-साथ विपक्ष के नेता भी क्रोधित है। सभी पीड़ित परिवार से मिलना चाहते है।

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राहुल गाँधी ने भी अपने ट्वीट के जरिये कहा, “दुनिया की कोई भी ताक़त मुझे हाथरस के इस दुखी परिवार से मिलकर उनका दर्द बांटने से नहीं रोक सकती”।

Rahul tweet
Rahul tweet on hathras case

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क्या है हाथरस केस – 

आपको बतादे कि 14 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक युवती के साथ उसके ही गांव के कुछ युवकों ने गैंगरेप किया। उसके बाद उसकी जीभ काट दी, ताकि वो किसी को कुछ बोल न पाए और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी ताकि वो घर न जा सके। पीड़िता को दिल्ली के हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। वह उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। पीड़िता को 14 दिन बाद होश आया तो उसने इशारे में अपना बयान दिया और पुलिस ने 2 पेज में उसके बयान को लिखा। लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत हो गई।

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बिना परिवार को बताये पुलिस ने जलाई पीड़िता की लाश – 

पीड़िता की मौत के बाद उसे पुलिस द्वारा रात 2.30 बजे हाथरस लाया गया। लेकिन परिवार ने रात में अंतिम संस्कार करने के इंकार कर दिया। परिवार की मांग थी की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी आकर उनसे बात करे, पुलिस को ये बात गवारा नहीं थी। तो पुलिस ने बिना परिवार को बताये पीड़िता की लाश को जला दिया।

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आरोपियों पर नहीं लगाए रेप चार्जेस – 

पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ तो लिया, लेकिन उन पर कोई रेप चार्जेस नहीं लगाए। पुलिस ने आरोपियों पर धारा 304 लगाई जबकि धारा 372 लगनी थी। आपको बता दे कि धारा 304 में सिर्फ मर्डर चार्जेस लगते है, जिसकी सजा काम होती है। रेप के लिए धारा 372 लगती है जिसकी सजा उम्र कैद के साथ फांसी भी हो सकती है। लेकिन ये केस की निर्दयता पर निर्भर करता है।

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