नीदरलैंड में रहने वाली भारतीय मूल की दो महिलाओं की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 40 साल पहले अलग-अलग परिवारों द्वारा गोद ली गई मीना और मिनल 30 साल से गहरी दोस्त थीं, लेकिन उन्हें अपने खून के रिश्ते का पता नहीं था।
दोस्ती से खून के रिश्ते तक का सफर
एक डीएनए टेस्ट ने इन दोनों सहेलियों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। जब मिनल ने अपनी जड़ों की तलाश में टेस्ट करवाया, तो परिणाम ने साबित कर दिया कि मीना और मिनल असल में सगी बहनें हैं।
अनायास हुई थी पहली मुलाकात
दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों बहनें बरसों पहले गोद लिए गए बच्चों के एक सम्मेलन में मिली थीं, जहां से उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई थी। आज यह अनोखा इत्तेफाक पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे अनजान बनकर मिलीं दो लड़कियां असल में एक ही परिवार का हिस्सा थीं।