ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह दौरा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रणनीतिक साझेदारी और चाबहार पोर्ट
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। भारत इस दौरान चाबहार पोर्ट के विकास और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देने पर अपना विशेष ध्यान केंद्रित करेगा।
वैश्विक कूटनीति में भारत की भूमिका
यह महत्वपूर्ण बैठक वैश्विक स्तर पर भारत को एक मजबूत मध्यस्थ और कूटनीतिक पुल के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। इससे न केवल दोनों देशों के संबंध प्रगाढ़ होंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे।