विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश सौंपा। इस उच्च-स्तरीय वार्ता ने वैश्विक भू-राजनीति के बीच भारत की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति को स्पष्ट कर दिया है।
राष्ट्रीय हितों पर केंद्रित कूटनीति
भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता पश्चिमी दबाव के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना है। इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
ब्रिक्स और एससीओ की भूमिका
रूस के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने के साथ-साथ, भारत ब्रिक्स और एससीओ जैसे मंचों के माध्यम से वैश्विक शक्ति संतुलन बनाने की दिशा में काम कर रहा है। यह दौरा रूस, चीन और अमेरिका के बीच भारत की सधी हुई कूटनीतिक चाल को दर्शाता है।