ईरान के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे नए प्रतिबंधों ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। इन कठोर आर्थिक उपायों के चलते अमेरिका का चीन और रूस के साथ तनाव और गहरा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये दोनों देश ईरान के समर्थन में एकजुट होते हैं, तो अमेरिका के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
चीन और रूस की रणनीतिक साझेदारी
चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि रूस के ईरान के साथ गहरे सैन्य और आर्थिक हित जुड़े हुए हैं। अमेरिकी दबाव के बीच इन देशों का आपसी सहयोग अमेरिका की नीतियों को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, ऐसे में उसका ईरान के साथ मजबूती से खड़े होना वैश्विक व्यापारिक समीकरणों को बदल सकता है। इन प्रतिबंधों के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया ध्रुवीकरण देखने को मिल सकता है।