छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में साल 2015 में पुलिस दल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में 25 लाख के इनामी नक्सली प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे सहित कुल पांच दोषियों को सात-सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
हमले का मामला और कानूनी कार्रवाई
वर्ष 2015 में कोरर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नक्सलियों ने पुलिस पार्टी को निशाना बनाते हुए जानलेवा हमला किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए कोर्ट ने लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें कठोर दंड दिया है।
न्याय प्रक्रिया की अहम जीत
इस फैसले को नक्सल विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों के मनोबल के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। नौ साल बाद आए इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और अपराध के दोषियों को सजा मिलकर रहेगी।