छत्तीसगढ़ में मौसम में आए बदलाव और नमी के कारण धान की फसल पर ‘ब्लास्ट’ यानी झुलसा रोग का खतरा मंडराने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते तापमान के बीच फसल की सुरक्षा के लिए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
रोग की पहचान कैसे करें
इस बीमारी की शुरुआत पत्तियों पर आंख या नाव के आकार के धब्बों से होती है, जिनका केंद्र पुआल जैसा और किनारे ईंट जैसे लाल रंग के दिखाई देते हैं। यदि शुरुआती दौर में इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो ये धब्बे तेजी से फैलकर पूरी पत्ती को सुखा सकते हैं।
फसल बचाव के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, फसल को भारी नुकसान से बचाने के लिए समय रहते रोग की पहचान करना अनिवार्य है। लक्षण दिखते ही कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर उचित फफूंदनाशक का छिड़काव करें ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।