इंदौर में क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर, दो आरक्षकों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इन पर कार्रवाई रोकने के नाम पर एक युवक के परिजनों से सवा लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है।
कार्रवाई से बचाने के लिए मांगे थे पैसे
पीड़िता प्रीति हजारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने उनके बेटे को बुलाकर केस से बचाने का झांसा दिया और इसके बदले 1.20 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने 50,800 रुपये ऑनलाइन और 70,000 रुपये नकद वसूले थे, जिसके तकनीकी साक्ष्य लोकायुक्त को सौंपे गए हैं।
जांच के बाद कार्रवाई
शिकायत की पुष्टि होने के बाद इंस्पेक्टर सुजीत श्रीवास्तव, आरक्षक अभय सिंह, विकास सेंधव और दीपक पटेल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त टीम अब आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करेगी।