अमेरिकी सेना ने अपनी युद्धनीति में बड़ा बदलाव करते हुए एमक्यू-9 रीपर ड्रोन्स के विकल्प के रूप में ‘वाइल्डफायर’ ड्रोन को शामिल करने का फैसला किया है। पिछले दो दशकों से रीपर ड्रोन अमेरिका की ताकत रहे हैं, लेकिन अब इनकी अत्यधिक लागत और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सस्ते और घातक स्वार्म ड्रोन
वाइल्डफायर ड्रोन्स की खासियत इनका झुंड (स्वार्म) में काम करना है, जो दुश्मन के लिए बेहद घातक साबित होंगे। ये ड्रोन न केवल सस्ते हैं, बल्कि इनके नष्ट होने पर भी अमेरिकी सैन्य क्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
युद्ध के बदलते समीकरण
महंगे ड्रोन्स को हर कीमत पर सुरक्षित रखने की मजबूरी से निपटने के लिए अमेरिका अब ऐसी तकनीक पर जोर दे रहा है जिसे आसानी से बदला जा सके। यह बदलाव भविष्य के युद्धों में अमेरिका की रणनीतिक स्वायत्तता को और अधिक मजबूत बनाएगा।