मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल (बैंड) भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है, जिसके चलते इंदौर हाईकोर्ट ने इंटरव्यू के परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि भर्ती नियमों के विपरीत पदों की संख्या के मुकाबले केवल दो गुना उम्मीदवारों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, जबकि विज्ञापन में तीन गुना का प्रावधान था।
चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता का तर्क है कि शुरुआती दो राउंड पास करने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू में शामिल होने का मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से उम्मीदवारों को बुलाने के आधार और पूरी चयन प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा एक सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा है।
सरकार को देना होगा जवाब
सरकार ने अपनी दलील में प्रक्रिया को सही बताया है, लेकिन कोर्ट ने अगली सुनवाई तक परिणाम जारी करने पर पाबंदी लगा दी है। इस भर्ती प्रक्रिया में पहले भी धांधली के आरोप लग चुके हैं, जिससे अब पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।