चीन और ईरान के बीच हुई एक गुप्त डील ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। बीजिंग अब ईरान के साथ दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ) को निकालने और उन्हें रिफाइन करने की अपनी गोपनीय तकनीक साझा करने की तैयारी में है।
ईरान की बढ़ेगी आर्थिक और सैन्य ताकत
ईरान के पास प्रचुर मात्रा में खनिज भंडार होने के बावजूद उन्नत तकनीक का अभाव था। चीन के इस सहयोग से ईरान न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकेगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी खुद को अधिक शक्तिशाली बनाने में सक्षम होगा।
अमेरिका और इजरायल की बढ़ी चिंता
चीन और ईरान की यह रणनीतिक साझेदारी मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है। इस कदम से अमेरिका और इजरायल जैसे देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि यह गठबंधन क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरणों को नया रूप दे सकता है।